अध्याय 190

"तुम सब कितने अच्छे बच्चे हो!"

उनके इस अपनापन भरे व्यवहार से गैब्रियल और ज़ोई की आँखें भर आईं।

मुलाक़ात के दौरान कई सहपाठी जो आ नहीं पाए थे, हालचाल लेने के लिए फ़ोन करते रहे। गैब्रियल और उसकी पत्नी के पास दोनों को इस तरह वफ़ादारी से डटे देखकर, सबने दिल से शुभकामनाएँ दीं और निश्चिंत हो गए कि सब कुछ...

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